2019 में कई ऐसी फिल्में रिलीज होने जा रही हैं जिनसे बॉलीवुड में तेजी से जगह बना रहे एक नए ट्रेंड को नई धार मिलने वाली है। और यह है रियल घटनाओं पर आधारित विमेनसेंट्रिक यानी महिलाप्रधान फिल्में बनाने का ट्रेंड। ऐसी फिल्में जिनमें स्त्रियों को सिर्फ प्रेमिका, पत्नी, सेक्स सिंबल, बेचारी, बेबस, पीड़िता की पारंपरिक छवि से उबारकर नई पहचान देने की कोशिश की गई है। पिछले कुछ सालों में कहानी, क्वीन, हाइवे, नीरजा, मैरीकॉम, तुम्हारी सुलू, नाम शबाना, सीक्रेट सुपरस्टार जैसी कई ऐसी फिल्में आई हैं जो दर्शकों के जेहन में एक नई स्त्री छवि बनाने में कामयाब हुई हैं और देश की आधी आबादी के बदलते चेहरों को नई पहचान दी है। ऐसा नहीं है कि महिला प्रधान फिल्में पहले नहीं बनती रही हैं लेकिन पिछले कुछ सालों में प्रतिभावान निर्देशकों की जो नई खेप आई है उसने इसे बॉलीवुड का एक नया टेंªड बना दिया है। हालांकि 2018 इस मायने में एक अच्छा साल नहीं कहा जाएगा क्योंकि राज़ी के अलावा कुछ हद तक मुल्क ही ऐसी फिल्म कही जा सकती है जो स्त्रियों के नए आत्मविश्वास को दर्शाती है। 2019 इस मायने में कई नई उम्मीदें लेकर आया है। आइए डालते हैं एक नज़र-

मणिकर्णिका

देश की सबसे मजबूत स्त्रियों में जो सबसे पहला नाम आता है वह है झांसी की रानी लक्ष्मीबाई। उनके जीवन की ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित मणिकर्णिका स्त्री प्रधान फिल्मों के चहेते चेहरे कंगना रनौत का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। 125 करोड़ के बजट में बनी मणिकर्णिका रानी लक्ष्मीबाई के अधिकार और बलिदान की कहानी है जिसमें युद्ध के दृश्यों और राजसी जीवन को बहुत भव्यता से फिल्माया गया है। कंगना रनौत काफी समय से अपने बेबाक बयानों के कारण सुखियों में छाई रही थीं लेकिन 2018 में उनकी कोई फिल्म नहीं आई थी। इस लिहाज से यह उनके करियर की एक महत्वपूर्ण फिल्म साबित होने वाली है। फिल्म के साथ दो खास बातें और हैं। एक तो यह कि पहली बार कोई महिला प्रधान फिल्म इतने बड़े बजट में बनी है। दूसरी खास बात यह है कि इस फिल्म से पहली बार कंगना रनौत ने निर्देशन में हाथ आजमाया है। बीच में ही एक बड़ी दक्षिण भारतीय फिल्म में तय डेट के कारण इसके मूल निर्देशक क्रिस ने यह फिल्म छोड़ दी थी और फिर कंगना ने यह जिम्मेदारी खुद अपने कंधों पर ले ली थी।

मिशन मंगल

यह लेडिज़ स्पेशल फिल्म जी जान लगाकर भारत के मंगल ग्रह मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली इसरो की महिला इंजीनियरों की कहानी है जिसके मुख्य किरदारों को विद्या बालन, तापसी पन्नू, सोनाक्षी सिन्हा और नित्या मेनन जैसी अभिनेत्रियां परदे पर ला रही हैं। तेलगू फिल्मों की चर्चित अभिनेत्री और फिल्मफेयर अवार्ड विनर नित्या मेनन इस फिल्म से हिंदी फिल्मों में डेब्यू कर रही हैं। इस फिल्म में अक्षय कुमार भी एक अहम रोल में हैं। फिल्म का डायरेक्शन जगन शक्ति के युवा हाथों में है। जगन शक्ति हैं।

द स्काई इज़ पिंक

यह फिल्म पल्मोनरी फाइब्रोसिस नामक बीमारी से जूझते हुए अपनी अलग पहचान बनाने वाली मोटिवेशनल स्पीकर आयशा चौधरी और उसकी मां की संघर्षभरी जीवनगाथा है। आयशा चौघरी को मात्रा 6 माह की उम्र में ही बोन मेरो टांसप्लांट से गुजरना पड़ा था। यह टांसप्लांट अपने साथ पल्मोनरी फाइब्रोसिस का जोखिम भी लेकर आता है जो सांस लेने में भयानक तकलीफ से जुड़ी है। 13 साल की उम्र में आयशा की इस बीमारी के बारे में पता चला। परदे पर आयशा का किरदार दंगल और सिक्रेट सुपरस्टार में अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों में छा चुकी ज़ायरा वसीम निभा रही हैं जबकि प्रियंका चोपड़ा आयशा की मां के संघर्ष को परदे पर जी रही हैं। एक लंबे ब्रेक के बाद प्रियंका चोपड़ा फिर से दर्शकों के दिलों पर राज करने के लिए वापस आ रही हैं। फरहान अख्तर भी फिल्म के एक अहम किरदार में हैं। इस फिल्म को नेशनल फिल्म अवार्ड विनर शोनाली बोस डायरेक्ट कर रही हैं।

सायना नेहवाल बायोपिक

बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल के जीवन पर आधारित श्रद्धा कपूर स्टारर यह फिल्म पिछले साल ही चर्चा में आ चुकी थी। सितंबर में इसका फर्स्ट लुक भी जारी कर दिया गया लेकिन इसकी शूटिंग डिले होती गई। अब उम्मीद है इस साल यह फिल्म रिलीज हो जाएगी। बताया जा रहा है कि अपने किरदार को रियल बनाने के लिए श्रद्धा कपूर नेट पर जोरदार प्रेक्टिस कर रही हैं और अपने किरदार को असरदार बनाने के लिए वह कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं। हालांकि उनकी पिछली बायोपिक दर्शकों या आलोचकों को इंप्रेस करने में असफल रही थी। लेकिन श्रद्धा की अभिनय क्षमता और काम के प्रति समर्पण पर किसी को संदेह नहीं रहा है। पिछले साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में एक स्त्री उनके खाते में दर्ज है। फिर सायना नेहवाल बेहद लोकप्रिय स्पोर्ट्सस्टार हैं जिसके कारण दर्शकों में फिल्म को लेकर एक स्वाभाविक उत्सुकता होगी। इस फिल्म को अमोल गुप्ते डायरेक्ट कर रहे हैं जो पहले स्टेनले का डब्बा और तारे जमीन पर में बखूबी अपनी प्रतिभा साबित कर चुके हैं।

शकीला

फुकरे, मसान, लव सोनिया जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से नाम कमा चुकीं ऋचा चड्ढा शकीला से एक बार फिर अपने दमदार अभिनय का जौहर दिखाने जा रही हैं। यह फिल्म दक्षिण भारत की बी ग्रेड फिल्मों की विवादास्पद हीरोइन शकीला के जीवन पर बेस्ड है। ऐसी ही एक एक्टेªस सिल्क स्मिता की लाइफ को 2011 में रिलीज़ द डर्टी पिक्चर में विद्या बालन परदे पर पेश कर चुकी हैं। सिल्क स्मिता के जीवन की ट्रेजडी के कारण उसके किरदार में एक गहरा आकर्षण था। लेकिन शकीला फिल्मों में अभी भी सक्रिय है। और हाल ही में अपनी 250वीं फिल्म की घोषणा कर चुकी है। देखना होगा कि उसके जीवन के कौन से पहलू ऋचा परदे पर जीवंत करने वाली हैं।

छपाक

बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस और टैलेंटेड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण इस फिल्म से अपनी फिल्मी इमेज और फिल्म बिजनेस दोनों से जुड़ा एक जोखिम ले रही हैं। रणवीर कपूर से शादी और हनीमून से लौटने के फौरन बाद उन्होंने इस फिल्म की घोषणा कर दी थी। उनके को-एक्टर के रूप में पहले राजकुमार राव का नाम चला था। लेकिन डेट की दिक्कतों के कारण बाद में विक्रांत मैसी को फाइनल किया गया। यह फिल्म एसिड अटैक की पीड़िता लक्ष्मी अग्रवाल के संघर्षों पर आधारित है। आज लक्ष्मी अग्रवाल अपने जैसी पीड़िताओं के लिए एक एन.जी.ओ. चला रही हैं। बेशक अपने करियर के चरम पर बैठी दीपिका के लिए यह ऐसा रोल निभाना एक बड़ा चैलेंज होगा। जिसे निभाने के लिए वो न सिर्फ ऐज एन एक्टर तैयार हैं बल्कि वो खुद इस फिल्म की प्रोड्यूसर भी हैं। यह हमारे सामने बॉलीवुड का एक बिलकुल नया चेहरा सामने लाता है। फिल्म की डायरेक्टर अपने निर्देशन का लोहा मनवा चुकी मेघना गुलजार हैं जिन्होंने पिछले साल राज़ी जैसी जबरदस्त हिट फिल्म दी है।

डॉली किट्टी और वो चमकते सितारे

कोंकणा सेन शर्मा और भूमि पेड़नेकर जैसी दो मजबूत अभिनेत्रियां जब एक साथ किसी फिल्म में काम कर रही हों और उन दोनों के किरदार ही फिल्म के मुख्य किरदार हों जिनके इर्द-गिर्द फिल्म घूम रही हो तो दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ जाना स्वाभाविक है। और यह उत्सुकता तब और भी बढ़ जाती है जब आपको यह पता चलता है कि यह एक कॉमेडी है। आम तौर पर स्त्रीप्रधान फिल्में स्त्रियों की टेªजडी पर ही आधारित होती हैं। इस फिल्म की शूटिंग पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुई थी और अक्टूबर में ही फिल्म का पहला लुक जारी कर दिया गया था। इस फिल्म को एकता कपूर प्रोड्यूस कर रही हैं और लिपस्टिक अंडर बुरका फेम अलंकृता श्रीवास्तव इसे डायरेक्ट कर रही हैं।

मर्दानी-2

परदे पर महिला की मजबूत इमेज को साकार करने में 2014 में आई रानी मुखर्जी की फिल्म मर्दानी ने अहम भूमिका निभाई। फिल्म जब कमर्सियली सक्सेसफुल रहती है तो इमेज को और लोकप्रियता मिलती है। अब इसके निर्माता यशराज बैनर ने इसके सिक्वल की घोषणा की है और इसकी कहानी का इशारा करने के साथ-साथ इस साल के अंत तक इसके रिलीज होने की संभावना भी जताई है। मर्दानी जहां जबरन देह व्यापार के लिए ह्यूमन टैफिकिंग की समस्या पर बेस्ड था वहीं इसके सीक्वल का सब्जेक्ट अलग है। और इसमें नायिका को एक ऐसे विलेन के सामने खड़ा किया गया है जो बेहद क्रूर और निर्दयी है और जो मौत या भगवान किसी से नहीं डरता।

वुमनिया

इस फिल्म को अनुराग कश्यप डायरेक्ट कर रहे हैं और फिल्म की मुख्य कलाकार हैं तापसी पन्नू जो पिछले ही साल मुल्क जैसी बहुप्रशंसित फिल्म में शानदार एक्टिंग कर चुकी हैं। यह फिल्म भी इस साल की कई और फिल्मों की तरह वास्तविक किरदारों पर आधारित है। यह फिल्म रिवॉल्वर दादी के रूप में मशहूर 86 वर्षीय चन्द्रो तोमर और 81 वर्षीय प्रकाशी तोमर के जीवन पर आधारित है जो भारत की पहली महिला शूटर रही हैं। 50 के दशक में उन्होंने अपना करियर शुरू किया था और कई अवार्ड उनके खाते में दर्ज हैं। दोनों बहनों का किरदार तापसी पन्नू और भूमि पेडनेकर परदे पर प्रस्तुत कर रही हैं।

बॉलीवुड में बढ़ते वुमनिया पावर का जायजा इस तथ्य से भी लिया जा सकता है कि इस साल कई महिला प्रोड्यूसर और कई महिला डायरेक्टर बॉलीवुड के मैदान में खड़े हैं। उम्मीद है इनमें से अधिकतर को कामयाबी मिलेगी क्योंकि ये अलग सब्जेक्ट्स पर काम कर रही हैं और पारंपरिक फॉर्मूला मसाला फिल्मों से आगे की राह पर चल रही हैं।

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