जिस फिल्म के नायक का नाम ‘भारत’ हो, जिस फिल्म का ही नाम ‘भारत’ हो और जिस फिल्म की कहानी से देशप्रेम की महक आ रही हो, ऐसे मिजाज की फिल्म अपने यहां या तो 15 अगस्त के मौके पर रिलीज होती है या फिर 26 जनवरी के आसपास। लेकिन अगर उस फिल्म के हीरो सलमान खान हों तो उसके रिलीज होने का मौका ईद से बढ़ कर कोई दूसरा हो ही नहीं सकता।

जी हां, ईद का मौका यानी खुशियों का मौका। ईद का मौका यानी सलमान खान की फिल्म के आने का मौका। और ईद के मौके पर सलमान खान की फिल्म का आना यानी सुपरहिट की गारंटी। लगभग हर साल ईद के मौके पर अपनी फिल्म से दर्शकों के दिलों को जीतने के साथ-साथ उनकी जेबों को खाली करवाने का माद्दा रखने वाले सलमान ‘भाई’ इस साल ‘भारत’ के साथ मीठी ईद मनाने आ रहे हैं।

सूखा रमजान का

दरअसल फिल्म इंडस्ट्री के कारोबारी समीकरणों के मुताबिक रमजान का महीना सूखा माना जाता है क्योंकि इस दौरान मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर लोग फिल्मों जैसे मनोरंजन के साधनों से दूर रहते हैं। फिल्मी पंडितों का मानना है कि अपने यहां बिना मुस्लिम दर्शकों के कोई फिल्म चल तो सकती है लेकिन उसे हिट और सुपरहिट बनाने में उनका तगड़ा योगदान रहता है। ईद और सलमान का संयोग कुछ ऐसा बना है कि उनके चाहने वाले अपने प्यारे ‘भाईजान’ की फिल्म देख कर ईद की खुशियां मनाते हैं।

ईद सलमान की

ईद और सलमान को एक-दूजे का पर्याय बने हुए एक दशक हो चला है। 2009 में आई प्रभुदेवा निर्देशित ‘वांटेड’ से यह चलन शुरू हुआ था कि ईद पर आएगी तो सिर्फ ‘भाई’ की फिल्म। इसके बाद 2010 में ‘दबंग’, 2011 में ‘बॉडीगार्ड’, 2012 में ‘एक था टाईगर’ जैसी सलमान की फिल्में ईद के मौके पर आई थीं।

‘एक था टाईगर’ को ईद और 15 अगस्त, दोनों का फायदा मिला था और तीन सौ करोड़ की कलैक्शन के करीब पहुंचने वाली यह पहली हिन्दी फिल्म भी थी। बीच में बस 2013 में सलमान की बजाय शाहरुख खान की रोहित शैट्टी निर्देशित ‘चैन्नई एक्सप्रैस’ आई थी।

ईद और सलमान का साथ इस कदर निराला है कि 2014 में इस मौके पर आकर जहां उनकी ‘किक’ जैसी औसत फिल्म भी हिट हुई थी वहीं 2017 में ईद के मौके पर आई सलमान की ‘ट्यूबलाइट’ को काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा था लेकिन यह फिल्म भी दो सौ करोड़ से ऊपर का कलैक्शन कर गई थी।

फिर 2018 में आई सलमान की ‘रेस 3’ की भी जम कर आलोचना हुई थी लेकिन यह फिल्म भी सिर्फ भारत के दर्शकों से लगभग 170 करोड़ बटोर चुकी है।

फिल्म ट्रेड विश्लेषक जोगिंदर टुटेजा कहते हैं कि असल में सलमान की ‘बजरंगी भाईजान’ और ‘सुलतान’ जैसी उम्दा फिल्मों के बाद दर्शकों की सलमान से उम्मीदें बढ़ चली हैं जबकि ‘भाई’ की फिल्में ‘भाई’ के उस दर्शक-वर्ग को ही ध्यान में रख कर बनाई जाती हैं जो उनकी फिल्मों में सिर्फ मसालेदार मनोरंजन तलाशता है, गंभीरता नहीं।

जोगिंदर कहते हैं कि सलमान की फिल्म, ‘फिल्म’ नहीं बल्कि एक ‘प्रोडक्ट’ होती है जिन्हें किसी भी तरह से बेचना और मुनाफा कमाना ही इनके निर्माताओं का मकसद होता है। बात सही मालूम होती है क्योंकि अगर ‘भारत’ के ट्रेलर को बारीकी से देखें तो साफ मालूम होता है कि इस फिल्म में भी ‘सलमान-स्टाइल’ के मसाले ही ज्यादा हैं। वही सलमान-स्टाइल जो उनका ट्रेडमार्क है और उनके फैंस को लुभाता है।

बात ‘भारत’ की

सबसे पहले तो यह बात साफ कर दें कि ‘भारत’ एक रीमेक है लेकिन यह किसी भारतीय फिल्म का नहीं बल्कि दक्षिण कोरिया की फिल्म ‘ओड टू माई फादर’ का रीमेक है।

मूल फिल्म की कहानी के बैकग्राउंड में 1950 का कोरियाई युद्ध है जब उत्तर कोरिया से हजारों शरणार्थी दक्षिण कोरिया को जा रहे हैं लेकिन एक बच्चे का पिता अपनी बेटी को तलाशने के लिए वहीं रुक जाता है। वह अपने बेटे से वादा करवाता है कि वह दक्षिण कोरिया पहुंच कर परिवार के बाकी सदस्यों का ख्याल रखेगा।

इस बेटे की कहानी के साथ-साथ उस देश यानी दक्षिण कोरिया के हालात की कहानी कहती है यह फिल्म। ‘भारत’ में इसी कहानी का हिन्दुस्तानी संस्करण देखने को मिलेगा। 1947 में बंटवारे के समय पाकिस्तान से शरणार्थियों के जत्थे भारत की तरफ आ रहे हैं। ऐसे में एक पिता (जैकी श्रॉफ) अपने बेटे भारत (सलमान खान) से कहता है कि वह भारत जाकर अपने परिवार के लोगों का ख्याल रखेगा।

नायक भारत और देश भारत की यह यात्रा साथ-साथ चलती है और इसीलिए इसमें दर्शकों को 18 से 70 साल की उम्र के सलमान खान देखने को मिलेंगे। वह इसमें सर्कस में करतब दिखाएंगे, तेल रिफाइनरी में काम करेंगे और नेवी अफसर के लुक में भी दिखेंगे।

खास बात यह भी है कि अपनी फिल्मों में आमतौर पर भारी-भरकम मेकअप से दूर रहने वाले सलमान ने इस फिल्म के लिए घंटों तक बैठ कर मेकअप करवाया है और ‘भाई’ के करीबियों का कहना है कि उनके एक ही कुर्सी पर घंटों तक बैठे रहना भी अपने-आप में कोई सजा से कम नहीं था।

इस फिल्म के डायरेक्टर वही अली अब्बास जफर हैं जो इससे पहले सलमान को लेकर ‘सुलतान’ और ‘टाईगर जिंदा हैं’ जैसी बम्पर हिट फिल्में दे चुके हैं। सलमान के संग होंगी कैटरीना कैफ जिनके साथ उनकी कई कामयाब फिल्में आ चुकी हैं।

हालांकि पहले इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा को साइन किया गया था लेकिन अपनी शादी से उपजी व्यस्तताओं के चलते प्रियंका को यह फिल्म छोड़नी पड़ी और इसको लेकर कुछ वक्त तक विवाद भी बना रहा। सलमान ने इशारों-इशारों में अपनी नाराजगी जाहिर की थी। दिशा पटानी, तब्बू, सुनील ग्रोवर, सतीश कौशिक आदि भी इस फिल्म में दिखाई देंगे।

दीवानगी ‘भाई’ की

फिल्म ‘भारत’ का ट्रेलर इंटरनेट पर करोड़ों बार देखा जा चुका है जो बताता है कि सलमान इसमें डांस-रोमांस, एक्शन-इमोशन जैसे तमाम लटके-झटके बिखेरते दिखाई देंगे। सलमान के यही लटके-झटके ही दरअसल उनके स्टारडम की पूंजी हैं जो उनके चाहने वालों को थिएटरों में खींच ले आते हैं। इस फिल्म के एडवांस टिकट धड़ाधड़ बिक रहे हैं। ईद के मौके को भुनाने के लिए इस फिल्म को शुक्रवार की बजाय बुधवार यानी 5 जून को लाया जा रहा है।

महाराष्ट्र के नासिक में तो ‘भाई’ के एक रईस नौजवान फैन ने पहले दिन का पहला शो देखने के लिए एक पूरा थिएटर तक बुक करा लिया है। जयपुर में रहने वाले सलमान के जबर्दस्त प्रशंसक और उनकी तर्ज पर खुद को ‘बीईंग राम’ कहने वाले राम भगीरथ कहते हैं कि ‘भाई’ का जलवा है ही कुछ ऐसा कि बच्चों से लेकर बड़ी उम्र के लोग तक उनसे खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं और इसीलिए जब उनकी फिल्म आती है तो उनके चाहने वाले कहानी की गहराई या उनकी एक्टिंग की ऊंचाई से ज्यादा उन्हें देखने जाते हैं।

फिल्म समीक्षक मुर्तज़ा अली का मानना है कि सलमान की फिल्म और ईद का मौका-ये दोनों मिलकर एक ऐसा मारक हथियार बनाते हैं जिसके असर से बच पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। तो चलिए, इंतजार करते हैं ईद का और देखते हैं ‘भारत’ को फतेह का परचम लहराते हुए।

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