अनमोल बोलः हृषिकेश मुखर्जी, फिल्म डायरेक्टर और एडिटर

विमल दा (फिल्म डायरेक्टर विमल राय) की फिल्म ‘बिराज बहू’ तैयार हो जाने पर पाया गया कि वह काफी लंबी हो गई है और फिल्म की स्पीड बीच में काफी धीमी हो गई है। विमल दा ने मुझसे कहा, ‘सोचो तो क्या किया जा सकता है।’

मैंने उसी क्षण उनसे कहा, ‘पांच नंबर की रील का पहला शॉट रखकर बाकी रील के साथ-साथ छः नंबर की रील भी पूरी की पूरी निकालकर देखें कि क्या होता है। मेरी यह बात सुनकर वहां मौजूद हमारे कई साथी चौंक गए। विमल दा ने उन्हें आश्वस्त करते हुए एक पल विचार किया और मुझसे कहा, ‘जैसा तुमने कहा है वैसा करके देखो।’

विमल राय और हृषिकेश मुखर्जी

डायरेक्टर और एडिटर के बीच विचार-मंथन शुरू होता है। कई बार एडिटर की बात ही मानी जाती है। खुद मेरीे डायरेक्टर और एडिटर दोनों पर्सनैलिटी में ऐसा संघर्ष कई बार हुआ है और अंत में एडिटर की जीत हुई है।

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