Tuesday, December 10, 2019

थिएटर था, है और रहेगा : आज का दिन थिएटर के...

फिल्मी दुनिया का इतिहास पलटकर देखें तो उसके कई अहम पन्ने थिएटर की देन हैं। एक्टिंग, स्क्रीनप्ले, कॉस्ट्यूम से  लेकर आर्ट डायरेक्शन तक। कहां...

तारकोवस्की का सिनेमा

‘‘अपनी जिंदगी में हर व्यक्ति यह जानता है कि कभी न कभी उसे मरना ही है पर वह यह नहीं जानता कि उसे कब...

कैमरे को मत देखो – कुरोसावा

अनमोल बोलः अकीरा कुरोसावा, महान फिल्म डायरेक्टर एक अभिनेता की सबसे खराब स्थिति यह हो सकती है जब वह कैमरे के प्रति अलर्ट होने...

डायरेक्टर और एडिटर के बीच झगड़ा- हृषिकेश मुखर्जी

अनमोल बोलः हृषिकेश मुखर्जी, फिल्म डायरेक्टर और एडिटर डायरेक्टर और एडिटर के बीच विचार-मंथन शुरू होता है। कई बार एडिटर की बात ही मानी जाती...

फिल्म की स्पीड – हृषिकेश मुखर्जी

अनमोल बोलः हृषिकेश मुखर्जी, फिल्म डायरेक्टर और एडिटर विमल दा (फिल्म डायरेक्टर विमल राय) की फिल्म ‘बिराज बहू’ तैयार हो जाने पर पाया गया कि...

एडिटिंग के लिए क्रिएटिव होना जरूरी- हृषिकेश मुखर्जी

अनमोल बोल- हृषिकेश मुखर्जी, फिल्म डायरेक्टर और एडिटर रामू कारित की फिल्म ‘चेम्मीन’ की एडिटिंग के लिए मैं मद्रास गया। फिल्म में जिस तरह से...

ऑब्जेक्टिविटी होना जरूरी- कुरोसावा

अनमोल बोलः अकीरा कुरोसावा, महान फिल्म डायरेक्टर एडिटिंग की सबसे बड़ी जरूरत ऑब्जक्टिविटी होती है। किसी खास शॉट को लेने में आपको कितनी दिक्कतें झेलनी...

अगर स्क्रिप्ट दमदार न हो- अकीरा कुरोसावा

अनमोल बोलः अकीरा कुरोसावा, महान फिल्म डायरेक्टर स्क्रिप्ट अगर दमदार हो तो एक अच्छा डायरेक्टर बेहतरीन फिल्म बना सकता है, जबकि यही स्क्रिप्ट किसी साधारण...

डायरेक्टर बनने की शर्तें- अकीरा कुरोसावा

अनमोल बोलः अकीरा कुरोसावा, महान फिल्म डायरेक्टर डायरेक्टर की भूमिका एक ऐसी चारदीवारी की तरह होता होती है जिसमें अभिनेता की ट्रेनिंग, सिनेमटोग्राफी, साउंड रिकॉर्डिंग,...

मृणाल सेन की हिंदी फिल्म – खंडहर

‘एक दिन प्रतिदिन’ के बाद मृणाल सेन की फिल्म कला में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ आया। उन्होंने अपनी फिल्मों में स्थूलता के मोह को छोड़कर...
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